मेरी कहानी: एक मुलाकात, हजार सपने (भाग-1)

मेरी कहानी: एक मुलाकात, हजार सपने (भाग-1)

यह एक प्रेम कहानी है, दो अजनबी प्रेमियों की, जिनकी मुलाक़ात सोशल मीडिया पर हुई। पहली मुलाक़ात की झिझक से लेकर, सपनों के भरे भविष्य की योजनाओं तक। इनकी यात्रा दो दिलों की कहानी नहीं, बल्कि उन अनकहे वादों की मिशाल है, जहाँ प्यार सिर्फ शब्दों में नहीं बल्कि हर छोटे-बड़े पलों में जिया जाता है।

भारत की वैश्विक हैसियत: तियानजिन से बेरोज़गारी मंडी तक

भारत की वैश्विक हैसियत: तियानजिन से बेरोज़गारी मंडी तक

तियानजिन का प्रतीकात्मक संदेश, भारत की आतंकवाद पर कमजोर दलील, मजदूरों की वैश्विक मंडी, वैश्विक व्यापारिक संकट और भारत की कमजोरी, कश्मीर और अमेरिका की नई रणनीति, सामाजिक–राजनीतिक विघटन और आंतरिक कमजोरी जैसे हालातों को भारत कब तक समेटे रहेगा?

भ्रष्टाचार: जब बीमारी नहीं, व्यवस्था ही बन जाए

भ्रष्टाचार: जब बीमारी नहीं, व्यवस्था ही बन जाए

भारत में भ्रष्टाचार अब अपराध नहीं माना जाता। भ्रष्टाचार अब एक कौशल मान लिया गया है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध लाया गयी भाजपा सरकार ने आप इसे संस्थागत मान्यता प्रदान कर दी है।