मौर्यकाल के बाद भारत में बौद्ध धम्म की स्थिति

बुद्ध के जीवन काल में बौद्ध धम्म जीवन की एक महत्वपूर्ण जीवनशैली बन चुका था। उनके बाद अशोक ने धम्म को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। मौर्य काल (वृहद्रथ की हत्या के) बाद कहा जाता है कि बौद्ध धम्म समाप्त हो गया था, परन्तु ये कथन ग़लत है। मौर्य काल के बाद भी कई शताब्दियों तक भारत में बौद्ध धम्म अपने चर्मोत्कर्ष पर था, खूब फला-फूला और फैला।

भारत का लोकतंत्र संकट में

Four Crises of Indian Democracy

भारत की चुनावी प्रक्रिया, न्यायपालिका, चुनाव आयोग और नागरिक स्वतंत्रता पर गहरे सवाल। जानिए कैसे लोकतंत्र खतरे में है और नागरिक समाज इसकी रक्षा के लिए क्या कर रहा है।

पेरियार बनाम विश्वकर्मा पूजा

17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के पीछे की सच्चाई, इसकी औपनिवेशिक जड़ें और बहुजन सशक्तिकरण के लिए पेरियार की तर्कवादी विरासत क्यों महत्वपूर्ण है, इसकी खोज करें।

डॉ. बी. आर. अंबेडकर: विचारों की क्रांति और समता का संकल्प

Image of Dr. B. R. Ambedkar in blue suit having a book in his hands

डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर एक युगपुरुष थे। वे न केवल भारत के संविधान निर्माता थे, बल्कि एक प्रखर चिंतक, समाज सुधारक, विधिवेत्ता, और दलितों के अधिकारों के लिए संघर्षरत योद्धा थे। उनका जीवन एक प्रेरणा है—संघर्ष से सफलता तक की यात्रा, जिसमें उन्होंने सामाजिक अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाई और समता, न्याय तथा बंधुत्व के मूल्यों को स्थापित किया।

शाश्वत प्रश्न: प्रेम वास्तव में क्या है?

एक डिजिटल चित्र जिसमें प्रेम के विविध रूप दर्शाए गए हैं—बुज़ुर्ग जोड़ा, माँ और शिशु, रोमांटिक युगल, दोस्ती, डिजिटल संवाद और एक पौधे के रूप में उगता स्नेह—गुलाबी दिल और ‘LOVE’ शब्द के साथ गर्म रंगों की पृष्ठभूमि पर।

प्रेम का मात्र विचार ही मन को प्रसन्न कर सकता है, प्रेम बादलों से भरे दिन में अचानक उगता सूरज है। प्रेम जैविक है, साझा क्षणों की मिट्टी से उगता है और अंतरंगता द्वारा पोषित होता है। प्यार पत्थर की तरह यूँ ही नहीं पड़ा रहता; इसे रोटी की तरह बनाना पड़ता है; हर समय नया बनाना पड़ता है, नया बनाना पड़ता है।

प्रेम क्या है? – प्रस्तावना और परिभाषाएँ

एक तरफ गुलाब का फूल और दूसरी तरफ हार्ट का चित्र है, बीच मैं लिखा है "प्रेम क्या है"

प्रेम क्या है? क्या यह आकर्षण और वासना से अलग है? इस लेख में प्रेम की परिभाषा, अनुभव और साहित्यिक-सांस्कृतिक दृष्टि से विश्लेषण।

भारत की विदेश नीति का विश्लेषण

भारत की विदेश नीति परिदृश्य को दर्शाने वाला इन्फोग्राफिक: बांग्लादेश, वियतनाम, पाकिस्तान की तुलना में जीडीपी वृद्धि; चीन, पाकिस्तान, वियतनाम की तुलना में रक्षा व्यय; और मोदी की अमेरिका यात्रा, सर्जिकल स्ट्राइक, डोकलाम गतिरोध, बालाकोट, गलवान संघर्ष, जी-20 अध्यक्षता और अमेरिकी टैरिफ विवाद सहित प्रमुख राजनयिक घटनाओं की 2014-2024 समयरेखा।

भारत की विदेश नीति का विश्लेषण, पिछले एक दशक का परिदृश्य, चुनौतियाँ और रोडमैप: भारत की विदेश नीति दोराहे पर खड़ी है: मजबूत जीडीपी वृद्धि और रक्षा व्यय के विपरीत अनसुलझे सीमा विवाद, अमेरिकी व्यापार तनाव और एक दशक से मिश्रित कूटनीतिक परिणाम सामने आ रहे हैं।

भारत की अर्थव्यवस्था: आकार बनाम जीवन-स्तर

Pie chart showing India’s wealth distribution in 2023 – Top 1% rich, bottom 50%, and remaining 49%.

भारत का आर्थिक विरोधाभास: बड़ा सकल घरेलू उत्पाद, जीवन की निम्न गुणवत्ता, 2024 में भारत की अर्थव्यवस्था का एक संक्षिप्त विवरण – पाँचवीं सबसे बड़ी जीडीपी, लेकिन कम प्रति व्यक्ति आय, गहरी असमानता और कमज़ोर मानव विकास संकेतक।