प्रेम की पुकार

प्रेम का परिणाम चाहे आँसू हो या हँसी,

जीवन में इसे जीना ज़रूरी है कभी।

ये मन की गहराइयों को पढ़ना सिखाए,

शब्दों में अनकहे भावों को ढाल जाए।

ये सिखाता है साहस अपने किसी के लिए,

अंधेरों में भी जलाता उम्मीद के दिए।

इसलिए जब भी कोई प्रेम से पुकारे,

बंधन तोड़कर उड़ो, मुक्त होकर जंजाल सारे।

प्रेम से जीवन में रोशनी उतर आती है,

सुनसान राहों पर भी गुनगुनाहट छा जाती है।

ये दिल की उदासी को हँसी में बदल देता है,

पत्थर-से समय को भी कोमल बना देता है।

ये टूटे सपनों को नयी उड़ान दे जाता है,

हर पीड़ा को मीठा सा गान दे जाता है।

जहाँ प्रेम होता है वहाँ भय मिट जाता है,

वहीं से जीवन का सच्चा अर्थ मिल जाता है।

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