हीनयान बनाम महायान: अपमानजनक नामकरण का इतिहास

हीनयान शब्द बौद्ध धम्म की पुरानी परम्पराओं के लिए प्रयुक्त हुआ, जिसका शाब्दिक अर्थ “तुच्छ मार्ग” है और यह महायानियों द्वारा अपमानजनक रूप में गढ़ा गया। महायान ने स्वयं को “महान मार्ग” कहकर श्रेष्ठ ठहराया और पुराने थेरवाद/स्थविरवाद को हीन दिखाया।
ये दिखाता है कि धार्मिक प्रतिस्पर्धा में भाषा सत्ता और प्रतिष्ठा की राजनीति का उपकरण बन जाती है।